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मुख्यमंत्री का ऐलान, संपत्ति नीलाम कर वसूला जाएगा नुकसान
कोलकाता। फलता में हुई भीषण हिंसक घटना के बाद राज्य सरकार ने उपद्रवियों और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे कठोर कार्रवाई का बिगुल फूंक दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को राज्य सचिवालय नवान्न में आयोजित एक विशेष संवाददाता सम्मेलन में कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की कि फलता हिंसा के गिरफ्तार आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की देशद्रोह व राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़ी बेहद गंभीर और गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं। इसके साथ ही सरकार ने दंगाइयों के खिलाफ योगी मॉडल पर कदम बढ़ाते हुए साफ कर दिया है कि हिंसा में शामिल सभी दोषियों की संपत्तियां जब्त कर उन्हें नीलाम किया जाएगा और उसी से नुकसान की पाई-पाई वसूली जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की प्रशासनिक रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि 16 जून को फलता में भड़की इस हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने कुल तीन अलग-अलग प्राथमिकताएं दर्ज की हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते अब तक 25 उपद्रवियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जिनमें से 12 आरोपी फिलहाल कड़े पुलिस रिमांड पर हैं और शेष 13 को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री ने दोटूक लहजे में कहा कि सरकार अब केवल साधारण दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि ऐसी मिसाल कायम की जाएगी कि भविष्य में कोई भी भीड़ कानून को अपने हाथ में लेने की जुर्रत न कर सके। उपद्रवियों की चल-अचल संपत्तियों को चिन्हित कर जब्ती की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस पूरी खूनी साजिश की पटकथा मंगलवार को फलता के शतल कलसा इलाके में लिखी गई थी। पुलिस ने पुष्पा नाम के एक शातिर आरोपी को हिरासत में लिया था, जिसे पुलिस के चंगुल से गैर-कानूनी ढंग से छुड़ाने के लिए उसके सैकड़ों समर्थकों ने पहले हिंसक प्रदर्शन शुरू किया। देखते ही देखते यह उग्र भीड़ फलता थाने की तरफ मार्च करने लगी। प्रशासन का दावा है कि इस पूरी सुनियोजित भीड़ का मुख्य मकसद फलता थाने पर हमला कर लॉकअप में बंद अपराधी को जबरन छुड़ा ले जाना था।
समय रहते स्थानीय पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई और अतिरिक्त रैपिड एक्शन फोर्स तैनात कर थाने को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिसिया लाठीचार्ज और सख्त रवैये को देख भीड़ में भगदड़ मच गई। इस दौरान जान बचाने के लिए उपद्रवियों के पास के तालाबों में कूदने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि इन सभी वीडियो फुटेज की फॉरेंसिक जांच कर एक-एक चेहरे की शिनाख्त की जा रही है और वीडियो में दिखने वाले हर एक दंगाई को पाताल से भी ढूंढकर निकाला जाएगा। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और जांच एजेंसियां इस हिंसा के पीछे के मुख्य मास्टरमाइंड और उकसाने वाले राजनीतिक चेहरों का सुराग लगाने में जुटी हुई हैं।